वनडे क्रिकेट (ODI) में शतक लगाना हर बल्लेबाज़ का सपना होता है। लेकिन कई बार खिलाड़ी सिर्फ कुछ रन दूर रह जाते हैं और 90 के दशक (90s) में आउट होकर शतक से चूक जाते हैं। क्रिकेट की भाषा में इसे “नर्वस नाइंटीज़” कहा जाता है। इस दौरान बल्लेबाज़ पर मानसिक दबाव काफी बढ़ जाता है और कई दिग्गज खिलाड़ी भी इसका शिकार हो चुके हैं।
अगर वनडे क्रिकेट के इतिहास पर नजर डालें तो सचिन तेंदुलकर इस अनचाहे रिकॉर्ड में सबसे आगे हैं। वहीं विराट कोहली, कुमार संगकारा, जैक्स कैलिस और कई अन्य महान बल्लेबाज़ भी इस सूची में शामिल हैं।
आइए जानते हैं उन बल्लेबाज़ों के बारे में जिन्होंने वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 90 के स्कोर पर अपना विकेट गंवाया।
| बल्लेबाज़ | मैच | पारियां | रन | 90 के स्कोर |
|---|---|---|---|---|
| सचिन तेंदुलकर | 463 | 452 | 18,426 | 18 |
| अरविंदा डी सिल्वा | 308 | 296 | 9,284 | 9 |
| केन विलियमसन | 175 | 167 | 7,256 | 9 |
| नाथन एस्टल | 223 | 217 | 7,090 | 9 |
| ग्रांट फ्लावर | 221 | 214 | 6,571 | 9 |
| विराट कोहली | 311 | 299 | 14,797 | 8 |
| जैक्स कैलिस | 328 | 314 | 11,579 | 8 |
| मोहम्मद अजहरुद्दीन | 334 | 308 | 9,378 | 7 |
| शिखर धवन | 167 | 164 | 6,793 | 7 |
| कुमार संगकारा | 404 | 380 | 14,234 | 6 |
सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड अब भी सबसे ऊपर
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर में 463 मैच खेले और 18,426 रन बनाए। उनके नाम 49 वनडे शतक दर्ज हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वह 18 बार 90 के स्कोर पर आउट हुए, जो आज भी वनडे इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

यदि इनमें से आधी पारियां भी शतक में बदल जातीं तो सचिन के नाम वनडे में 55 से ज्यादा शतक हो सकते थे। हालांकि यह आंकड़ा उनकी महान बल्लेबाजी को कम नहीं करता, बल्कि यह दर्शाता है कि वह लगातार बड़े स्कोर बनाने की स्थिति में पहुंचते थे।
केन विलियमसन और अरविंदा डी सिल्वा भी बराबरी पर
न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन और श्रीलंका के महान बल्लेबाज़ अरविंदा डी सिल्वा दोनों ही इस सूची में 9-9 बार 90 के स्कोर पर आउट हुए हैं।
केन विलियमसन अपनी शांत बल्लेबाजी और तकनीक के लिए जाने जाते हैं, लेकिन कई बार वह भी शतक के बेहद करीब पहुंचकर आउट हुए। दूसरी ओर अरविंदा डी सिल्वा ने अपने दौर में श्रीलंका के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं, लेकिन 9 बार शतक से चूकना उनके करियर का एक दिलचस्प आंकड़ा है।
नाथन एस्टल और ग्रांट फ्लावर भी रहे बदकिस्मत
न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज़ नाथन एस्टल और जिम्बाब्वे के दिग्गज ग्रांट फ्लावर भी 9-9 बार नर्वस नाइंटीज़ का शिकार बने।
दोनों बल्लेबाज़ अपनी टीमों के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे, लेकिन शतक से कुछ कदम पहले आउट होने की निराशा उन्हें कई बार झेलनी पड़ी।
विराट कोहली भी इस सूची में शामिल
भारतीय स्टार बल्लेबाज़ विराट कोहली को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ चेज़ मास्टर और शतक मशीन के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अब तक 311 वनडे मुकाबलों में 14,797 रन बनाए हैं।
इसके बावजूद विराट भी 8 बार 90 के स्कोर पर आउट हो चुके हैं। हालांकि उनकी सबसे बड़ी खासियत यही रही है कि उन्होंने अधिकांश मौकों पर 90 के स्कोर को शतक में बदला है। यही वजह है कि उनके नाम वनडे क्रिकेट में रिकॉर्ड संख्या में शतक दर्ज हैं।
जैक्स कैलिस, अजहरुद्दीन और शिखर धवन भी सूची में
दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक्स कैलिस 8 बार 90 के स्कोर पर आउट हुए। वहीं भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन और सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन 7-7 बार इस दुर्भाग्यपूर्ण आंकड़े का हिस्सा बने।
धवन ने कई बड़ी पारियां खेलीं, लेकिन कई मौकों पर वह शतक पूरा नहीं कर सके। अजहरुद्दीन के साथ भी ऐसा कई बार देखने को मिला।
कुमार संगकारा का नाम भी टॉप-10 में
श्रीलंका के महान विकेटकीपर बल्लेबाज़ कुमार संगकारा ने 404 वनडे मैचों में 14,234 रन बनाए। वह केवल 6 बार 90 के स्कोर पर आउट हुए। यह आंकड़ा बताता है कि उन्होंने अधिकतर मौकों पर अपने 90 के स्कोर को शतक में बदलने में सफलता हासिल की।
क्यों कहा जाता है ‘नर्वस नाइंटीज़’?
क्रिकेट में 90 से 99 रन के बीच बल्लेबाजी करना मानसिक रूप से सबसे कठिन माना जाता है। बल्लेबाज़ का पूरा ध्यान शतक पूरा करने पर होता है, जिससे कई बार वह अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी छोड़ देता है। इसी मानसिक दबाव को नर्वस नाइंटीज़ कहा जाता है।
हालांकि महान खिलाड़ी इस दबाव को संभालना जानते हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि दुनिया के सबसे बड़े बल्लेबाज़ भी इससे अछूते नहीं रहे।
क्रिकेट में रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं, लेकिन “नर्वस नाइंटीज़” का यह आंकड़ा हमेशा चर्चा का विषय बना रहता है। आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर के इस अनचाहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ पाएगा या नहीं।
FAQ
Q1. वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 90 के स्कोर पर कौन आउट हुआ है?
उत्तर: सचिन तेंदुलकर, जो 18 बार 90 के स्कोर पर आउट हुए।
Q2. विराट कोहली कितनी बार ODI में 90 के स्कोर पर आउट हुए हैं?
उत्तर: विराट कोहली अब तक 8 बार 90 के स्कोर पर आउट हुए हैं।
Q3. नर्वस नाइंटीज़ क्या होता है?
उत्तर: जब कोई बल्लेबाज़ 90 से 99 रन के बीच बल्लेबाजी करते हुए शतक से पहले आउट हो जाता है, तो उसे नर्वस नाइंटीज़ कहा जाता है।
Q4. इस सूची में दूसरे स्थान पर कौन-कौन हैं?
उत्तर: अरविंदा डी सिल्वा, केन विलियमसन, नाथन एस्टल और ग्रांट फ्लावर 9-9 बार 90 के स्कोर पर आउट हुए हैं।









