EV vs Petrol vs Diesel: 8 साल में कौन-सी कार पड़ेगी सबसे सस्ती? पूरा खर्च जानकर चौंक जाएंगे

By Pradeep

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EV vs Petrol vs Diesel: 8 साल में कौन-सी कार पड़ेगी सबसे सस्ती? पूरा खर्च जानकर चौंक जाएंगे

EV vs Petrol vs Diesel यह सवाल हर किसी के ज़हन में रहता ही है। आज के समय में कार खरीदते वक्त सिर्फ एक्स-शोरूम कीमत देखना काफी नहीं है। कार की कीमत के साथ पेट्रोल-डीजल का खर्च, EV की चार्जिंग लागत, मेंटेनेंस, इंश्योरेंस, टोल, पार्किंग और लोन का ब्याज भी लंबे समय में बड़ा खर्च बन जाता है।

अगर कोई व्यक्ति रोजाना करीब 100 किलोमीटर कार चलाता है और इसे 8 साल तक रखता है, तो EV, पेट्रोल और डीजल कार के बीच खर्च का अंतर काफी बड़ा हो सकता है।

हमने इसी आधार पर तीनों कारों का 8 साल का अनुमानित कुल खर्च निकाला है। इसमें कुल 2.92 लाख किलोमीटर की ड्राइविंग को आधार बनाया गया है।

EV vs Petrol vs Diesel: हमने ये मान्यताएं ली हैं

खर्च/फीचरEVPetrolDiesel
कार की कीमत₹25 लाख₹18 लाख₹18 लाख
बैटरी75 kWh
रेंज/माइलेज450 km15 km/l20 km/l
बिजली की कीमत₹19/unit
पेट्रोल की कीमत₹120/L
डीजल की कीमत₹115/L
इस्तेमाल100 km/day100 km/day100 km/day
अवधि8 साल8 साल8 साल

नोट: EV में 8 साल के दौरान बैटरी बदलने का खर्च शामिल नहीं किया गया है। तुलना में इंश्योरेंस, टोल, पार्किंग और फाइनेंस ब्याज को भी शामिल किया गया है।

EV की 8 साल की रनिंग कॉस्ट कितनी होगी?

450 किलोमीटर की रेंज और 75 kWh बैटरी के हिसाब से EV की अनुमानित ऊर्जा खपत करीब 16.67 kWh/100 km बैठती है।

8 साल में कुल ड्राइविंग:

100 km × 365 दिन × 8 साल = 2,92,000 km

इस दौरान EV को करीब 48,667 यूनिट बिजली की जरूरत पड़ेगी।

₹19 प्रति यूनिट के हिसाब से चार्जिंग पर करीब:

₹9.25 लाख

खर्च होंगे।

EV का सबसे बड़ा फायदा यहीं दिखाई देता है, क्योंकि 8 साल में इसकी एनर्जी कॉस्ट पेट्रोल और डीजल दोनों से कम रहती है।

पेट्रोल कार पर कितना खर्च आएगा?

पेट्रोल कार का माइलेज 15 km/l माना गया है।

2,92,000 किलोमीटर चलाने के लिए लगभग 19,467 लीटर पेट्रोल की जरूरत होगी।

₹120 प्रति लीटर के हिसाब से पेट्रोल पर करीब:

₹23.36 लाख

खर्च होंगे।

यानी सिर्फ ईंधन के मामले में पेट्रोल कार EV से करीब ₹14 लाख ज्यादा खर्च करा सकती है।

डीजल कार का ईंधन खर्च

डीजल कार का माइलेज 20 km/l माना गया है।

8 साल में 2,92,000 किलोमीटर चलाने के लिए करीब 14,600 लीटर डीजल की जरूरत होगी।

₹115 प्रति लीटर के हिसाब से कुल खर्च करीब:

₹16.79 लाख

आएगा।

इस लिहाज से डीजल कार की रनिंग कॉस्ट पेट्रोल से काफी कम है, लेकिन EV की तुलना में फिर भी ज्यादा है।

8 साल में मेंटेनेंस पर कितना खर्च?

लंबे समय में मेंटेनेंस भी कार की कुल लागत को काफी प्रभावित करता है।

हमारे अनुमान के मुताबिक:

  • EV: ₹4.40 लाख
  • Petrol: ₹8.80 लाख
  • Diesel: ₹10.20 लाख

EV में इंजन ऑयल, स्पार्क प्लग, क्लच और कई दूसरे पारंपरिक इंजन पार्ट्स नहीं होते। इसलिए सामान्य तौर पर इसका मेंटेनेंस खर्च कम माना जाता है।

डीजल कार में मेंटेनेंस खर्च सबसे ज्यादा रखा गया है।

इंश्योरेंस का खर्च

8 साल के लिए अनुमानित इंश्योरेंस खर्च:

  • EV: ₹3.20 लाख
  • Petrol: ₹2.60 लाख
  • Diesel: ₹2.60 लाख

यहां EV की शुरुआती कीमत ज्यादा होने के कारण इंश्योरेंस खर्च भी ज्यादा माना गया है।

टोल और पार्किंग का खर्च

रोजाना इस्तेमाल के आधार पर 8 साल में:

टोल: करीब ₹87,600

पार्किंग: करीब ₹58,400

ये दोनों खर्च तीनों कारों के लिए समान रखे गए हैं।

कार लोन का ब्याज भी जोड़ें तो तस्वीर बदलती है

अगर कार की कीमत का करीब 80% हिस्सा लोन से लिया जाए और करीब 9% ब्याज पर 5 साल का लोन माना जाए, तो अनुमानित ब्याज:

  • EV: ₹4.90 लाख
  • Petrol: ₹3.50 लाख
  • Diesel: ₹3.50 लाख

EV की शुरुआती कीमत ज्यादा होने के कारण उसके लोन पर ब्याज भी ज्यादा बैठता है।

8 साल में EV, Petrol और Diesel का कुल खर्च

अब कार की खरीद कीमत, ईंधन/चार्जिंग, मेंटेनेंस, इंश्योरेंस, टोल, पार्किंग और लोन ब्याज को जोड़ने पर तस्वीर काफी दिलचस्प हो जाती है।

खर्चEVPetrolDiesel
कार की कीमत₹25.00 लाख₹18.00 लाख₹18.00 लाख
चार्जिंग/ईंधन₹9.25 लाख₹23.36 लाख₹16.79 लाख
मेंटेनेंस₹4.40 लाख₹8.80 लाख₹10.20 लाख
इंश्योरेंस₹3.20 लाख₹2.60 लाख₹2.60 लाख
टोल₹0.876 लाख₹0.876 लाख₹0.876 लाख
पार्किंग₹0.584 लाख₹0.584 लाख₹0.584 लाख
लोन ब्याज₹4.90 लाख₹3.50 लाख₹3.50 लाख
कुल खर्च₹48.21 लाख₹57.72 लाख₹52.55 लाख

8 साल बाद कौन-सी कार सबसे ज्यादा फायदे में?

इस अनुमान के मुताबिक EV सबसे कम कुल खर्च वाली कार बनती है।

EV — ₹48.21 लाख

Diesel — ₹52.55 लाख

Petrol — ₹57.72 लाख

यानी 8 साल में:

EV, पेट्रोल कार से करीब ₹9.51 लाख सस्ती पड़ती है।

वहीं EV की तुलना में डीजल कार करीब ₹4.34 लाख महंगी पड़ती है।

पेट्रोल और डीजल के बीच भी करीब ₹5.17 लाख का अंतर दिखाई देता है।

ज्यादा चलाने वालों के लिए EV क्यों हो सकती है बेहतर?

इस तुलना में सबसे महत्वपूर्ण बात कार की कीमत नहीं, बल्कि कुल किलोमीटर हैं।

यहां रोजाना 100 किलोमीटर यानी 8 साल में करीब 2.92 लाख किलोमीटर की ड्राइविंग मानी गई है। इतनी ज्यादा ड्राइविंग में पेट्रोल और डीजल पर खर्च होने वाला ईंधन काफी बढ़ जाता है।

EV की शुरुआती कीमत ज्यादा होने के बावजूद उसकी कम चार्जिंग और मेंटेनेंस लागत धीरे-धीरे उस अतिरिक्त कीमत की भरपाई कर देती है।

एक जरूरी बात

यह तुलना दिए गए अनुमानित आंकड़ों पर आधारित है। वास्तविक खर्च आपके शहर की बिजली दर, पेट्रोल-डीजल की कीमत, वास्तविक माइलेज, इंश्योरेंस प्रीमियम, सर्विस कॉस्ट, टोल और कार के फाइनेंस पर निर्भर करेगा।

इसके अलावा इस गणना में EV की बैटरी रिप्लेसमेंट लागत शामिल नहीं है। अगर 8 साल के दौरान बैटरी बदलने की जरूरत पड़ती है, तो EV की कुल लागत बढ़ सकती है।

निष्कर्ष

अगर कोई व्यक्ति रोजाना करीब 100 किलोमीटर कार चलाता है और उसे 8 साल तक रखना चाहता है, तो मौजूदा अनुमान के आधार पर EV आर्थिक रूप से सबसे मजबूत विकल्प दिखाई देती है।

₹48.21 लाख के अनुमानित 8 साल के कुल खर्च के साथ EV पहले नंबर पर है। इसके बाद ₹52.55 लाख के साथ डीजल और ₹57.72 लाख के साथ पेट्रोल कार आती है।

हालांकि, कम ड्राइविंग करने वाले व्यक्ति के लिए तस्वीर अलग हो सकती है, क्योंकि EV की शुरुआती कीमत ज्यादा है। इसलिए कार खरीदने से पहले सिर्फ माइलेज नहीं, बल्कि 8 साल की Total Cost of Ownership (TCO) देखना ज्यादा समझदारी है।

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